द्वारा लिखित :   जैक पूनन श्रेणियाँ :   कलीसिया नेता
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इफिसियों 1:3 में कहा गया है,"हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है”। ध्यान दीजिए कि ये सभी आशीष आध्यात्मिक हैं, और आर्थिक नहीं । सांसारिक आशीर्वाद वे थे जिसके लिए इस्राएलियों को पुराने नियम के अंतर्गत वादा किया गया था। इसे हम व्यवस्थाविवरण 28 में पढ़ सकते हैं। यही अंतर लाती है - अनुग्रह में जिसे मसीह लेकर आए थे और यवस्था, जिसे मूसा लेकर आए थे। यदि इस प्रकार का पुराने नियम में एक पद होता, तो वह ऐसे पढ़ा जाता: "हमारे परमेश्वर (हमारे पिता नहीं ) का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मूसा में सांसारिक स्थानों में सब प्रकार की आर्थिक आशीषें दी है”। तो वे विश्वासी जो मुख्य रूप से शारीरिक उपचार और आर्थिक आशीर्वाद ढूंढते है, वे वास्तव में वापस पुराने वाचे में जा रहे हैं। इस प्रकार के "विश्वासी" वास्तव में इस्राएली हैं और न कि मसीही। वे मूसा के अनुयायी हैं, मसीह के नहीं। क्या इसका यह अर्थ है कि परमेश्वर विश्वासियों को आज आर्थिक रूप से आशीर्वाद नहीं करते? वे करते है - लेकिन एक अलग तरीके से। जैसे ही वे पहले उनके राज्य और धर्म की खोज करते है, उनके सभी आर्थिक जरूरते प्रदान कर दिए जाते हैं। पुराने नियम में लोगों ने केवल इन सांसारिक बातों की मांग की और उनको उनमें से बहुत सारे मिले - कई बच्चें, अधिक संपत्ति, बहुत पैसे, शत्रुओं पर विजय, पृथ्वी पर सम्मान और आसन, आदि। लेकिन नए वाचे के अंतर्गत हम आध्यात्मिक आशीर्वाद को ढूंढते है - आध्यात्मिक बच्चें, आध्यात्मिक धन, आध्यात्मिक सम्मान, आध्यात्मिक जीत (शैतान और मांस पर, और पलिश्तियों या मनुष्य पर नहीं)। हमारे सांसारिक आवश्यकताएं जिनकी आवश्यकता हमें परमेश्वर की इच्छा पूरा करने के लिए चाहिए जैसे कि स्वास्थ्य और पैसे, ये जोङे जाएंगे। वे हमें उतना ही पैसा देंगे जितना वे जानते है कि हमें नष्ट न कर बैठें। पुराने नियम के अंतर्गत, परमेश्वर कुछ लोगों को अरबपति बना सकते थे। लेकिन वे हमारे लिए आज ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि यह हमें ऊपर के चीजों को मांगने से रोक सकता है - और इस तरह से हमें नष्ट कर बैठता है।

कई विश्वासियों ने पुराने वाचा और नए वाचा के बीच का अंतर नहीं समझा है। यही कारण है कि वे अभी भी परमेश्वर का पीछा उन बातों के लिए करते हैं जिन्हें परमेश्वर ने पुराने नियम के अंतर्गत लोगों से वादा किया है। जो लोग बाईबल से समृद्धि का उपदेश करते है , उनको क्या उपदेश देना है इसके प्रति वे बहुत ही चयनात्मक हैं। उदाहरण के लिए, पुराने वाचा का यह आशीर्वाद जो व्यवस्थाविवरण के 28:11 में एक वादे के रूप में दिया गया था कि परमेश्वर इस्राएलियों को अधिक पैसों का और साथ ही कई बच्चों का आशीष देंगे। लेकिन ये प्रचारक इसके दूसरे भाग पर प्रचार नहीं करेंगे। यह उनके अखंडता की कमी को प्राध्यापक करती है। मैंने कभी भी इन समृद्धि उपदेशकों को यह प्रचार करते हुए नहीं सुना कि परमेश्वर अपने लोगों को अनेक बच्चों का आशीष प्रदान करेंगे। यह एक तथ्य अकेला पर्याप्त है यह प्राध्यापक करने के लिए कि वे प्रथम वर्ग के कपटी हैं। वे आर्थिक समृद्धि का उपदेश इस कारण करते है क्योंकि वे अपने अपार धन (जिसे उन्होंने गरीब लोगों से पैसा इकट्ठा करके प्राप्त किया था) का औचित्य प्राध्यापक पुराने नियम के एक अप्रासंगिक वचन से कर पाए। इस प्रकार के प्रचारकों से आप धोखा न खाए।

1:3 में पाया गया शब्द "आध्यात्मिक आशीर्वाद" का अनुवाद "पवित्र आत्मा के आशीर्वाद" के रूप में किया जा सकता है। परमेश्वर ने हमें पहले ही मसीह में पवित्र आत्मा के हर आशीर्वाद को दिया है। हमें केवल उन्हें यीशु के नाम में मांगना है। कल्पना कीजिए एक भिखारी महिला सड़क के किनारे पर भीख मांगने बैठी हुई है। एक अमीर राजकुमार आता है और उससे शादी करने का निर्णय करता है और एक बैंक खाते में लाखों रुपए डालता है - एक ऐसे खाते में जिससे वह भिखारी महिला स्वतंत्र रूप से कभी भी पैसों को निकाल सकती है। कितनी भाग्यशाली लड़की है वह! एक समय में उसके पास एक छोटे टिन में कुछ सिक्कों के अलावा और कुछ भी नहीं था। लेकिन अब वह सर्वोच्च मनोहर ढंग से बेहतरीन कपड़ों के साथ जी रही है। वह जितना चाहे बैंक से पैसों को निकाल सकती है क्योंकि उसके पास राजकुमार द्वारा हस्ताक्षर किए गए अनेक चेक है। आध्यात्मिक रूप से कहा जाए, यह हमारी चित्र है। अब हम स्वर्ग के बैंक में जाकर पवित्र आत्मा के हर एक आशीर्वाद का दावा कर सकते है क्योंकि वे मसीह के नाम पर पूर्ण रूप से हमारा हैं। यदि हम उनके साथ इस दुल्हन के रिश्ते में रहते जाए तब स्वर्ग का सब कुछ मसीह में हमारा है। यदि हम यह कह सकते हैं कि "हे प्रभु, मेरे द्वारा पृथ्वी पर बिताए गए हर एक दिन में मैं आपकी दुल्हन के रूप में सच्ची बनी रहना चाहती हूँ”। हमें परमेश्वर को यह समझाने का प्रयास नहीं करना चाहिए कि हम उनमें से किसी के भी योग्य है, क्योंकि हम उनमें से किसी के भी योग्य नहीं है। क्या आप उस भिखारी महिला को यह कल्पना करते हुए देख सकते है कि वह उस सारे धन की हकदार थी जिसे उसने स्वतंत्र रूप से पाया था। बिल्कुल नहीं। हमने जो कुछ भी प्राप्त किया है वह परमेश्वर की दया और कृपा से है। हम स्वर्ग का सब कुछ ग्रहण कर सकते है क्योंकि वे सभी स्वतंत्र रूप से हमें मसीह में दिए गए है। उन्हें हम अपने उपवास से या हमारी प्रार्थना से नहीं कमा सकते हैं। कई लोग पवित्र आत्मा के आशीर्वाद को प्राप्त नहीं करते है क्योंकि वे उन्हें इन तरीकों से कमाने का प्रयास करते है! हम उन्हें इस तरह प्राप्त नहीं कर सकते। हमें उन सभी को केवल मसीह के योग्यता के माध्यम से ही स्वीकार करना चाहिए।

मुझे याद है कि एक बार जब मैं कुछ सांसारिक आवश्यकताओं के लिए प्रार्थना कर रहा था, तब परमेश्वर ने मुझे यह शिक्षा दिया। मैंने कहा, "हे प्रभु, मैंने इतने वर्षों के लिए आप की सेवा की है, इस कारण कृपया करके मेरे लिए यह कीजिए।" प्रभु ने कहा, "नहीं, यदि तुम अपने खुद के नाम में आते हो तो मैं इस कार्य को नहीं करूंगा"। उस दिन मैं यह समझ गया कि यीशु के नाम में प्रार्थना करना क्या होता है। उस दिन मुझे पता चला कि वह नया विश्वासी जो सिर्फ अभी परिवर्तित हुआ है, और मैं जो 1959 में परिवर्तित हुआ था, हम दोनों को बिल्कुल उसी आधार पर परमेश्वर के पास आना था - केवल यीशु मसीह के योग्यता में ही। उसे स्वर्ग के बैंक में यीशु मसीह द्वारा हस्ताक्षरित चेक के साथ आना था। मुझे भी यीशु मसीह द्वारा हस्ताक्षरित चेक के साथ ही वहां आना था। यदि मैं यह कहकर परमेश्वर के पास आता कि मैं इतने वर्षों से आपके प्रति विश्वसनीय बना रहा, तब मैं स्वर्ग के बैंक में अपने द्वारा हस्ताक्षर किए गए चेक के साथ आ रहा हूँ। और स्वर्ग का बैंक इसे अस्वीकार नहीं करेगी। यही कारण है कि हमारी कई प्रार्थनाएं अनुत्तरित रहते है। हम यीशु के नाम पर नहीं जा रहे हैं। हम अपनी नाम के आधार पर जा रहे हैं। हमें लगता है कि क्योंकि हमने परमेश्वर के लिए इतना बलिदान किया है, इस कारण से उन्हें हमें उत्तर देना है। यदि हम 70 साल के लिए ईमानदार बनकर जी भी लेते है, जब हम प्रभु के सामने आते हैं, हम केवल उसी के आधार पर आ सकते हैं जिस प्रकार से एक नया चेला जाता है - और वह यीशु का नाम है। मैं परमेश्वर को इस प्रकाशन के लिए धन्यवाद देता हूँ, क्योंकि उसके बाद से मैं कभी भी परमेश्वर के पास मेरे नाम के साथ हस्ताक्षर का चेक लेकर नहीं गया!! मैंने जो कहा यदि उसके करने के लिए मैं प्रलोभित होता हूँ “तब वह चेक भुनाया नहीं जाता। मुझे केवल यीशु के नाम में और अकेले उनके ही योग्यता के कारण जाना चाहिए।" इसलिए पवित्र आत्मा के हर आशीष मसीह में स्वर्गीय स्थानों में हमारी है।