कभी न भूले कि यीशु ने शैतान को क्रूस पर हराया
मैं चाहता हूँ कि आप सभी इस एक सत्य को अपने पूरे जीवन भर याद रखें: शैतान के विरोध में परमेश्वर हमेशा आपकी ओर है।

लेख़


परमेश्वर का आशीर्वाद या परमेश्वर की स्वीकृति
पवित्र आत्मा में बपतिस्मा
यहां एक सवाल है जो कुछ मसीहियों के लिए एक पहेली हो सकता है। यदि यीशु का जन्म पवित्र आत्मा के सामर्थ..
हमारी स्मृति का विडियो टेप के रूप में आपके

किताबें


एक अच्छी नींव
Do you suffer consequences of a faulty foundation laid at the beginning of your..
सर्वश्रेष्ठ आवश्यकताएं
एक दो साल की उम्र की तरह, जो एक मौलिक जांच करने के लिए एक सस्ता खिलौना पसंद..
परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त करना
One day it will become evident that the honour and material gain were only a..
परमे’वर की सेवा के सिध्दान्त
God needs uncompromising men today who will stand before His face and hear His..
अधिक (15)

हमारा विश्वास

Body: 
Christian Fellowship Church, Bangalore - 2015
Christian Fellowship Church, Bangalore - 2015
  1. की बाइबल (66 पुस्तके) परमेश्वर द्वारा प्रेरित और अचूक वचन है, जो हमारे पृथ्वी के जीवन के लिए एकमात्र और पर्याप्त मार्गदर्शिका है ।
  2. परमेश्वर जो अनंत काल से अस्तित्व में है : पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के रूप में ।
  3. हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वरत्व में, उसके कूवारी द्वारा जन्म, उसकी मानवता, उसका सिद्ध पाप रहित जीवन, हमारे पापो के जगह पर उसकी मृत्यु एक बलिदान स्वरूप, उसका शरीर में पुनरूथान, उसका पिता के पास स्वर्गारोहण, उसका अपना संतो के लिए पृथ्वी पर दूसरा आगमन ।
  4. हर एक मनुष्य पाप में मृत्यु पाये हुए और पूरी तरह से खोए हुए है, और एकमात्र मार्ग उनके पापो की माफी के लिए वो है पश्चाताप और प्रभु यीशु मसीह के मृत्यु और पूंनरुथान पर विश्वास द्वारा ।
  5. पवित्र आत्मा के नवीनीकरण कार्य में जहां एक मनुष्य नया जन्म प्राप्त करता है परमेश्वर के संतान के रुप में ।
  6. दोष मुक्ति केवल मसीह पर विश्वास द्वारा ही प्राप्त है, और इनका सबूत हमारे भले काम जो परमेश्वर की महिमा करते है ।
  7. पानी के बपतिस्मा में, डुबकी द्वारा, नए जन्म के बाद, पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से ।
  8. मसीह के सामर्थी गवाह बनने के लिए अधिक जरूरत पवित्र आत्मा द्वारा भरपूर होने की है - जीवन और शब्दो द्वारा ।
  9. धर्मी का अनंत जीवन के लिए पुनरुनथान और अधर्मी का अनंत काल के नरकवास के लिए पुनरुनथान ।
अधिक